जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन खत्म करने के कुछ घंटे के अंदर ही सभी AISA के बैनर तले सभी छात्र डाकबंगला चौराहे पर पहुंच गए और राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस बीच पटना पुलिस की टीम में डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। पटना एसएसपी ने यहां पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी है। वाटर कैनन लेकर पुलिस जवान तैनात हैं। प्रदर्शनकारी पुलिस वालों से नोंकझोक कर रहे हैं। पटना आईजी के एस्कार्ट गाड़ी पर प्रदर्नकारियों ने हमला कर दिया है। वह सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है। इधर, पटना आईजी ने शांति व्यवस्था भंग करने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का आदेश दे दिया है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग की। साथ ही पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण पर रोक, जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के समर्थन, 7.5 CGPA की अनिवार्यता समाप्त करने, फीस वृद्धि वापस लेने, नॉन-नेट फेलोशिप लागू करने तथा पटना विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रखने की मांग उठाई।स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई जारी है।
आइसा की ओर से बताया गया कि उनकी मांगे हैं कि
- धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफ़ा दें, सभी पेपर लीक की फास्ट ट्रैक जांच सुनिश्चित की जाएं
- मिथलेश तिवारी इस्तीफा दें, बिहार के छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज बंद करें
- 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करें, सबको एक समान डिग्री दें
- यूजी, पीजी और पीएचडी तक फीस वृद्धि वापस लें
- बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोधार्थियों को नॉन-नेट फेलोशिप सुनिश्चित करें
- शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाएं
- पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाएं
- बिहार की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त किए जाने की सरकारी नीतियों का विरोध जारी
- महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त कर उन्हें सरकार के अधीनस्थ बनाने की कोशिशें हो रही हैं
- पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1974 को समाप्त कर विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक स्वायत्तता खत्म करने हो रही हैं
क्या बोली भाजपा?
भाजपा नेताओं का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। उनका दावा है कि दूसरी ओर के लोग पहले से लाठी-डंडे और पत्थरों के साथ तैयार थे। भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित बताते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली के साथ साथ अब पटना का माहौल भी खराब करना चाह रहे हैं। इनलोगों ने साजिश के तहत ऐसा किया है। बता दें कि भाजपा वाले आज पटना में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध आज पैदल मार्च करने उतरे थे।