उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित बदरीनाथ धाम से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। सोमवार को हृदय गति रुकने से महाराष्ट्र के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसके साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ में अब तक तीन श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे यात्रा के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
मृतकों की पहचान सुरेश मोतीराम नेमाड़े (60 वर्ष), निवासी पतोडा आलमपुर, और माखनलाल जगन्नाथ कोठारी (70 वर्ष), निवासी चंद्रपुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। दोनों श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए चारधाम यात्रा पर आए थे। यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
बताया जा रहा है कि दोनों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बदरीनाथ धाम लाया गया, जहां उपचार के दौरान हार्ट अटैक के चलते उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सकों के अनुसार, ऊंचाई, ठंड और ऑक्सीजन की कमी जैसी परिस्थितियां पहले से बीमार या बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जोखिम बढ़ा सकती हैं।
इससे पहले 30 अप्रैल को भी महाराष्ट्र के ही एक अन्य श्रद्धालु, बसंत राम पूराडकर (75 वर्ष), का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान निधन हो गया था। इस तरह अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
बदरीनाथ थाना प्रभारी नवनीत भंडारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और आवश्यक दवाइयां साथ रखें।
चारधाम यात्रा के दौरान लगातार बदलते मौसम, ठंड और ऊंचाई की वजह से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं की आस्था के चलते बड़ी संख्या में लोग धाम पहुंच रहे हैं।


